यूं मौत का तो होना ही हैं एक दिन..!!! तो क्यों ना ज़िंदगी jee कर मरे…!!

ख़फ़ा सब है मेरे लहज़े से पर मेरे हाल से कोई वाकिफ़ नहीं

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ज़िंदगी यूँ बिता रहा हूँ मैं, दूर ख़ुद से ही जा रहा हूँ मैं ! कल को बेहतर बनाने की ख़ातिर, आज को ही गँवा रहा हूँ मैं

शिकायत हमें ज़िंदगी से नही जी रहे है मगर खुशी से नही , दुख भी दिया हर शक्स ने हमे और नाराज भी हम किसी से नही

हम तो आइना हैं आइना ही रहेंग़े फ़िक्र वो करें… जिनके चेहरे पर कुछ और दिल मे कुछ और है ।।।

SAD LIFE STATUS

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छुपाऊ भी तो मैं कैसे अपने दर्द की कहानी ,  लोग चेहरे की लकीरों से खुद ही जान लेते है

 मुझे खुशनसीबी का कोई लकीर न मिला,  बहुत बार देखा है मैंने अपने हाथो के लकीरों को।।।

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